मेरे हर पल,हर लम्हा मेरे "Maa-Paa" का है में किसी एक दिन के मुहताज नहीं...
आज मैं देखता हूं सभी लोग साेशल साइट पर "Mother's Day Or Father's Day" के दिन पूरी सोशल साइट Best Wishes से भरा पाता हूं इन सभी लोगों पर अफसोस की ये वो लोग भी थे जिन्होंने कभी ये तक नहीं पूछा कि "Maa-Paa"अपने खाना खाया भी या नहीं खेर छोड़ो ये तो वो है जो अपनी खुशियों के लिए अपने ही "Maa-Paa" को व्रध्दा आश्रम में छोड़ आते है कभी कभी तो लगता है कि "Maa-Paa" ही दोषी है इन सबके क्यों की समय पर ही चापेट मेरा होता तो शायद ये नौबत नहीं आती कभी ...
यारों जिन्दगी बहुत छोटी है यारों इस जिन्दगी को निकाल दो अपने"Maa-Paa" के चरणों🙇♂️में यारों....
I Really Love You "Maa- Paa"🙏🙇♂️
Writing By Vivan Manva Sultan 2213...🖋️🤗
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